गैरसैंण में विधानसभा सत्र का आगाज आज, अनुपूरक बजट होगा पेश; ग्राम प्रधान करेंगे विधानसभा घेराव

गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र मंगलवार, 27 अक्टूबर से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में शुरू होने जा रहा है। सत्र के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्री और विधायक भराड़ीसैंण पहुंच गए हैं। सत्र के पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें सदन में पेश की जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न अध्यादेशों, विधेयकों और सरकारी रिपोर्टों को सदन के पटल पर रखने की कार्यवाही भी प्रस्तावित है। वहीं, ग्राम प्रधानों के विधानसभा घेराव के कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
विधानसभा की ओर से जारी कार्यसूची के मुताबिक, सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे वंदे मातरम के साथ शुरू होगी। इसके बाद निधन संबंधी निर्देश होंगे। दोपहर तीन बजे से सदन में वित्तीय और विधायी कामकाज आगे बढ़ेगा। पहले दिन की प्रमुख कार्यवाही में मुख्यमंत्री की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत करना शामिल है। हालांकि, कार्यसूची में अनुपूरक बजट की कुल धनराशि का उल्लेख नहीं किया गया है। सरकार कितनी अतिरिक्त धनराशि की मांग करेगी, यह सदन में विवरण प्रस्तुत होने के बाद स्पष्ट होगा।
अनुपूरक बजट और कई विधेयक होंगे पेश
अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित बजट से अतिरिक्त जरूरी खर्चों के लिए सदन से मंजूरी मांगती है। ऐसे में बजट से जुड़ी कार्यवाही पर सभी की नजर रहेगी। सरकार की ओर से विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है।
पहले दिन छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का विवरण भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन तथा विधानसभा की विभिन्न विशेषाधिकार समितियों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जानी हैं।
कार्यसूची में सिंचाई जल निकासी विधेयक, 2026, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026, निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 तथा जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2026 सहित विभिन्न विधेयकों को पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया भी शामिल है। इनके अलावा अल्पसंख्यक शिक्षा, सिविल विधि, अग्निशमन एवं आपात सेवा, माल एवं सेवा कर और निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विधायी कार्यवाही भी प्रस्तावित है।
विपक्ष उठा सकता है बेरोजगारी और कानून व्यवस्था के मुद्दे
सत्र के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और जोशीमठ आपदा जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, सरकार की ओर से विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषय सदन में रखे जा सकते हैं। ऐसे में दो दिवसीय सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होने की संभावना है।
ग्राम प्रधान करेंगे विधानसभा का घेराव
विधानसभा सत्र के बीच ग्राम पंचायतों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड की ओर से मंगलवार को भराड़ीसैंण में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा गया है। संगठन के अनुसार, प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान इसमें शामिल हो सकते हैं।
ग्राम प्रधान 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि इससे पहले देहरादून में सचिवालय कूच के दौरान सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई मामले शासन स्तर पर लंबित हैं। मांगों पर कार्रवाई में देरी को लेकर ग्राम प्रधानों में नाराजगी है।
आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भराड़ीसैंण क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान सदन के भीतर बजट और विधायी कार्यवाही के साथ ही बाहर ग्राम प्रधानों के आंदोलन पर भी नजर रहेगी।



