अंकिता भंडारी मामला: लापरवाही पर पौड़ी के LIU इंस्पेक्टर सस्पेंड, जानें पूरा मामला

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने पर पौड़ी गढ़वाल के एलआईयू इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचकर कथित वीआईपी की राज्यपाल नियुक्ति के विरोध में धरना देने की जानकारी समय पर इंटेलिजेंस को नहीं मिल पाई थी। इसे इंटेलिजेंस की चूक मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड के डीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने एलआईयू इंस्पेक्टर के निलंबन की पुष्टि की है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी की राज्यपाल नियुक्ति के बाद यह मामला एक बार फिर उत्तराखंड में चर्चा का विषय बन गया है। नियुक्ति के विरोध में अंकिता के माता-पिता दिल्ली पहुंचे और इंडिया गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस घटनाक्रम की जानकारी समय पर इंटेलिजेंस तक नहीं पहुंचने के बाद पुलिस विभाग में भी नाराजगी सामने आई।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने दिया समर्थन
दिल्ली में धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अलका लांबा सहित कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने समर्थन दिया। इसके बाद मामला और तूल पकड़ गया।
उत्तराखंड में भी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं।
इंटेलिजेंस की चूक पर हुई कार्रवाई
अंकिता के माता-पिता के अचानक दिल्ली पहुंचने और उनके धरने की जानकारी समय पर नहीं मिल पाने को इंटेलिजेंस की विफलता के तौर पर देखा जा रहा है। इसी के बाद पौड़ी गढ़वाल के एलआईयू इंस्पेक्टर को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली गए थे। वहीं, पौड़ी की जिलाधिकारी को भी दिल्ली बुलाए जाने की खबर सामने आई थी। सूचना मिलने के बाद इंटेलिजेंस के अधिकारी भी दिल्ली रवाना हुए थे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब पौड़ी के एलआईयू इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई है। डीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने निलंबन की पुष्टि की है।



