रेखा आर्य विवाद मामले में SIT की जांच शुरू, सबूत जुटाने बरेली पहुंची टीम

देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े उत्पीड़न मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी की टीम बरेली पहुंची है। टीम आरोपी पति गिरधारी लाल साहू के घर और अन्य संभावित ठिकानों पर जाकर तथ्यों की पड़ताल करेगी। पुलिस के अनुसार, कैबिनेट मंत्री के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।
वायरल ऑडियो को भी जांच में किया शामिल
एसआईटी वायरल ऑडियो सहित मामले से जुड़े विभिन्न साक्ष्यों की जांच कर रही है। इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू और एक महिला के बीच कथित बातचीत होने की बात कही जा रही है। टीम बरेली में संबंधित स्थानों पर जाकर साक्ष्य जुटाएगी और ऑडियो में शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल करेगी। पुलिस का कहना है कि आगे की कानूनी कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
एसपी ग्रामीण की निगरानी में नौ सदस्यीय SIT
मामले की जांच एसपी ग्रामीण की निगरानी में नौ सदस्यीय एसआईटी कर रही है। टीम शिकायत, वायरल ऑडियो और अन्य संभावित साक्ष्यों का परीक्षण करेगी। जांच के दौरान अब तक सामने आए तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी। कैबिनेट मंत्री के बयान दर्ज होने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
पति के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज है मुकदमा
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने गुरुवार को अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्पीड़न और जान से मारने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद तबीयत बिगड़ने पर रेखा आर्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनका रक्तचाप सामान्य होने में समय लग सकता है और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है।
गिरधारी लाल साहू ने ऑडियो को बताया फर्जी
मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने रेखा आर्य पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और वायरल ऑडियो को फर्जी बताया। इसके बाद शनिवार सुबह रेखा आर्य ने अस्पताल से पत्रकार वार्ता कर अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने अपने उत्पीड़न से जुड़े आरोप दोहराए और वायरल ऑडियो को सही बताया।
घटनास्थल बरेली होने के कारण भेजी गई टीम
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, कैबिनेट मंत्री की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में घटनास्थल बरेली है। इसी वजह से जांच के लिए टीम भेजी गई है। टीम सभी पहलुओं की जांच करेगी। इसके साथ ही गिरधारी लाल साहू के खिलाफ पहले दर्ज मुकदमों की भी जांच कराई जा रही है।
फिलहाल एसआईटी साक्ष्य जुटाने और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।



