उत्तराखंड में बिजली कनेक्शन से लेकर कटने तक बदलेंगे नियम, स्मार्ट मीटर और सोसाइटी के कनेक्शन पर भी होगा प्रावधान

देहरादून: उत्तराखंड में बिजली कनेक्शन लेने से लेकर उसे काटने और दोबारा जोड़ने तक के नियमों में बदलाव की तैयारी है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग वर्ष 2026 की नई विद्युत आपूर्ति संहिता लागू करेगा। इसके लिए जल्द ही ड्राफ्ट जारी कर सभी हितधारकों से सुझाव मांगे जाएंगे। नई संहिता में स्मार्ट मीटर, बिजली चोरी और आवासीय सोसाइटी में अलग बिजली कनेक्शन से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए जाएंगे।
प्रदेश में वर्ष 2020 में विद्युत नियामक आयोग ने आपूर्ति संहिता लागू की थी। इसके तहत नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया, कनेक्शन जारी करने की समय-सीमा और संबंधित शुल्क निर्धारित किए गए थे। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति, मीटर लगाने, मीटर की जांच, बिलिंग प्रक्रिया और मीटर रीडिंग से जुड़े नियम भी तय किए गए थे।
पुरानी संहिता में बिजली चोरी, स्वीकृत विद्युत भार में वृद्धि या कमी, कनेक्शन काटने और दोबारा जोड़ने से संबंधित दिशा-निर्देश भी शामिल थे। उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान और उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच से जुड़े प्रावधान भी निर्धारित किए गए थे। अब छह साल के अंतराल में हुए बदलावों को नई संहिता में शामिल किया जाएगा।
स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी पकड़ने के नियम होंगे तय
नई विद्युत आपूर्ति संहिता में स्मार्ट मीटर से जुड़े उपभोक्ताओं के अधिकारों को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली चोरी पकड़ने की प्रक्रिया और मानकों को परिभाषित किया जाएगा। चेक मीटर लगाने या अन्य विकल्पों से संबंधित प्रावधानों पर भी विचार किया जाएगा।
आयोग के तकनीकी सदस्य प्रभात किशोर डिमरी ने बताया कि नई संहिता में विभिन्न बदलावों को शामिल किया जा रहा है। इसके लिए ड्राफ्ट जारी कर हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे।
आवासीय सोसाइटी में अलग बिजली कनेक्शन का प्रावधान
नई संहिता में आवासीय सोसाइटी के निवासियों के लिए पृथक बिजली कनेक्शन लेने की व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा। अभी तक सोसाइटी में सामान्य तौर पर बल्क सप्लाई के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था रही है।
पिछले दिनों विद्युत नियामक आयोग ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया था कि यदि किसी सोसाइटी के 50 प्रतिशत निवासी सहमत हैं, तो वे अलग बिजली कनेक्शन ले सकते हैं। यदि निर्धारित संख्या में निवासी सहमत नहीं होते हैं, तो सोसाइटी में बल्क सप्लाई के माध्यम से बिजली लेने की पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी।
नई विद्युत आपूर्ति संहिता में इस प्रावधान को शामिल किया जाएगा, जिससे बिजली कनेक्शन और आपूर्ति से जुड़े नियमों को नए बदलावों के अनुरूप निर्धारित किया जा सके।



