दस साल से सड़क का इंतजार, अब ग्रामीणों ने खुद शुरू किया मोटरमार्ग निर्माण; श्रमदान से बना रहे रास्ता

रुद्रप्रयाग। मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के बष्टी तोक के ग्रामीण पिछले दस वर्षों से मोटरमार्ग का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब स्वयं पहल की है। मंगलवार को ग्रामीणों ने श्रमदान कर मोटरमार्ग निर्माण कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों की इस पहल ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और सड़क की जरूरत को एक बार फिर उजागर किया है।
बष्टी तोक में सड़क सुविधा का अभाव लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। खासकर कृषि और अन्य स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मोटरमार्ग नहीं होने के कारण उत्पादों को बाजार तक ले जाना मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होती है। इसके अलावा दैनिक आवागमन में भी लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
ग्रामीण बलबीर राणा का कहना है कि मोटरमार्ग निर्माण को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों की मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण मजबूर होकर ग्रामीणों को श्रमदान से रास्ता बनाने का निर्णय लेना पड़ा।
वहीं, लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ के सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार के अनुसार, कलका गाड़ से बष्टी तक दो किलोमीटर मोटरमार्ग निर्माण की प्रक्रिया पिछले तीन वर्षों से चल रही है। मार्ग की कटिंग में बांज के पेड़ों की संख्या अधिक होने के कारण वन विभाग से संबंधित पत्रावलियों की कार्रवाई में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर वन विभाग की कार्रवाई पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मोटरमार्ग निर्माण को लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि श्रमदान से शुरू की गई इस पहल के बाद शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग भी बष्टी तोक को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। अब देखना होगा कि दस वर्षों से सड़क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।



