उत्तराखंड

हरिद्वार में निगम कर्मचारियों की हड़ताल, सफाई व्यवस्था ठप; शहर में लगे कूड़े के ढेर

हरिद्वार: नगर निगम कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच उपजा विवाद अब हड़ताल तक पहुंच गया है। एक दिन पहले हुए विवाद के बाद जहां व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया, वहीं नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों ने बुधवार को कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है और नगर निगम के अधिकांश कार्यालयों में ताले लटक गए हैं।

संयुक्त मोर्चे के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारी नगर निगम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं। बुधवार सुबह से न तो सफाई कर्मचारियों ने सफाई कार्य किया और न ही निगम के अन्य कर्मचारियों ने अपने कार्यालय खोले। मुख्य नगर आयुक्त के कार्यालय को छोड़कर निगम के सभी अनुभाग बंद रहे।

अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, आगामी कांवड़ और कुंभ मेले को देखते हुए नगर निगम शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है। मंगलवार को निगम की टीम भीमगोड़ा से वाल्मीकि चौक तक अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इस दौरान एक ढाबे के बाहर नाले के स्लैब पर रखे जनरेटर को लेकर चालान की कार्रवाई शुरू की गई।

चालान को लेकर व्यापारियों और निगम कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई। निगम कर्मचारियों ने व्यापारियों पर अभद्रता और चालान बुक छीनने का आरोप लगाया। मामले में सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने नगर कोतवाली में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।

सफाई व्यवस्था पर पड़ा असर

हड़ताल के चलते शहर में एक भी कूड़ा वाहन कूड़ा उठाने नहीं निकला। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर जमा होने लगे हैं। नगर निगम क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 200 टन कूड़ा निकलता है। ऐसे में यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो शहर की सफाई व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा हाउस टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कार्रवाई की मांग पर अड़े कर्मचारी

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निगम कर्मियों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उत्तराखंड राज्य कर्मचारी परिषद के महामंत्री धनकार कौशल ने कहा कि कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वहीं कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आयोजक सुरेंद्र तेश्वर ने कहा कि उनकी व्यापारियों से कोई लड़ाई नहीं है, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने जल्द मुकदमा दर्ज नहीं किया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

वार्ता से समाधान की उम्मीद

मुख्य नगर आयुक्त ने कहा कि मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है और जांच की जा रही है। कर्मचारियों से लगातार वार्ता की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही हड़ताल समाप्त कर सफाई व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button